इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान एक बार फिर न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी पर हमला किया.
उन्होंने मेयर पर यहूदी-विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि इसराइल की आलोचना करने के उनके रुख़ से न्यूयॉर्क के यहूदी समुदाय की सुरक्षा ख़तरे में पड़ी है.
नेतन्याहू ने कहा कि ममदानी के पद संभालने के बाद से "कई यहूदी अब न्यूयॉर्क में ख़ुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते."
न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर ममदानी लंबे समय से फ़लस्तीनियों के प्रति इसराइल के व्यवहार के मुखर आलोचक रहे हैं और उन्होंने नेतन्याहू को युद्ध अपराधी बताया है.
नेतन्याहू भी ममदानी के विचारों को लेकर लगातार उन पर हमला करते रहे हैं और गुरुवार के भाषण में प्रधानमंत्री के कई आरोप उनके ममदानी के ख़िलाफ़ पहले दिए गए बयानों के ही दोहराव थे.
इसराइल को लेकर ममदानी के रुख़ ने उन्हें नेतन्याहू के लिए एक अहम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बना दिया है. नेतन्याहू इस समय फिर से प्रधानमंत्री बनने के लिए चुनाव अभियान चला रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र में नेतन्याहू के भाषण से पहले दोनों नेताओं के बीच तनाव और बढ़ गया था.
ममदानी ने एक इंटरव्यू में फिर नेतन्याहू को युद्ध अपराधी बताया और उनकी गिरफ़्तारी की मांग की, जिसके बाद नेतन्याहू ने मेयर पर हमला करते हुए एक वीडियो जारी किया.
गुरुवार को क़रीब 37 मिनट के अपने भाषण में नेतन्याहू ने कई मिनट विशेष रूप से ममदानी के उस आरोप पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि ग़ज़ा में इसराइल की सैन्य कार्रवाई जनसंहार के बराबर है.
संयुक्त राष्ट्र के एक आयोग के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय और इसराइली मानवाधिकार संगठनों ने निष्कर्ष निकाला है कि ग़ज़ा में युद्ध के दौरान इसराइल ने जनसंहार किया.
यह युद्ध सात अक्टूबर 2023 को इसराइल पर हमास के नेतृत्व में हुए घातक हमलों के बाद शुरू हुआ था.
नेतन्याहू ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है. गुरुवार के अपने भाषण में उन्होंने कहा कि "इसराइल पर जनसंहार का आरोप लगाना इस सदी का सबसे बड़ा झूठ है."