पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के लाहौर हाई कोर्ट ने पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान मोहम्मद रिज़वान की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी
अदालत ने याचिकाकर्ता को एनसीसीआईए की ओर से जारी किए गए नोटिस का जवाब देने का आदेश दिया है.
गौरतलब है कि इंग्लैंड के लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट मैच में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम से सात खिलाड़ियों को वापस बुलाने का फ़ैसला किया था.
इनमें मोहम्मद रिज़वान, इमाम-उल-हक़, सलमान आग़ा, अली उस्मान, आमिर जमाल, ओवैस ज़फ़र और ख़ुर्रम शहज़ाद शामिल थे.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अनुशासन और आचरण से संबंधित मीडिया रिपोर्टों के मद्देनज़र आंतरिक अनुशासनात्मक जाँच शुरू की है.
सितंबर की शुरुआत में पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट्स ने बताया कि पीसीबी ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ के दौरान कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फ़ोन ज़ब्त कर एनसीसीआईए को सौंप दिए थे.
हालाँकि, पीसीबी ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
अपनी याचिका में मोहम्मद रिज़वान ने अदालत से गुहार लगाई थी कि एनसीसीआईए ने जो उनके मोबाइल फ़ोन और बाक़ी सामान ज़ब्त किया उन्हें वापस दिलाया जाए.