एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर इस वक़्त चर्चा तेज़ है. इसे बनाने वालों ने ही इसके ख़तरे गिनाने शुरू कर दिए हैं.
कहा ये भी जा रहा है कि आने वाले समय में एआई इंसानों की नौकरी ले लेगा.
एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर इस वक़्त चर्चा तेज़ है.
इसे बनाने वालों ने ही इसके ख़तरे गिनाने शुरू कर दिए हैं.
कहा ये भी जा रहा है कि आने वाले समय में एआई इंसानों की नौकरी ले लेगा.
इससे रोज़गार के अवसर कम होंगे. लेकिन क्या ऐसा वाकई में है?
क्या एआई रोज़गार के अवसर पैदा भी करेगा?
आइए जानते हैं शिव नाडर यूनिवर्सिटी में एआई डिपार्टमेंट के हेड डॉ. आकाश सिन्हा से.
प्रोड्यूसर: कीर्ति राजोरा और भरत शर्मा
एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर इस वक़्त चर्चा तेज़ है.
इसे बनाने वालों ने ही इसके ख़तरे गिनाने शुरू कर दिए हैं.
कहा ये भी जा रहा है कि आने वाले समय में एआई इंसानों की नौकरी ले लेगा.
इससे रोज़गार के अवसर कम होंगे. लेकिन क्या ऐसा वाकई में है?
क्या एआई रोज़गार के अवसर पैदा भी करेगा?
आइए जानते हैं शिव नाडर यूनिवर्सिटी में एआई डिपार्टमेंट के हेड डॉ. आकाश सिन्हा से.
प्रोड्यूसर: कीर्ति राजोरा और भरत शर्मा
एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर इस वक़्त चर्चा तेज़ है.
इसे बनाने वालों ने ही इसके ख़तरे गिनाने शुरू कर दिए हैं.
कहा ये भी जा रहा है कि आने वाले समय में एआई इंसानों की नौकरी ले लेगा.
इससे रोज़गार के अवसर कम होंगे. लेकिन क्या ऐसा वाकई में है?
क्या एआई रोज़गार के अवसर पैदा भी करेगा?
आइए जानते हैं शिव नाडर यूनिवर्सिटी में एआई डिपार्टमेंट के हेड डॉ. आकाश सिन्हा से.
प्रोड्यूसर: कीर्ति राजोरा और भरत शर्मा
एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर इस वक़्त चर्चा तेज़ है.
इसे बनाने वालों ने ही इसके ख़तरे गिनाने शुरू कर दिए हैं.
कहा ये भी जा रहा है कि आने वाले समय में एआई इंसानों की नौकरी ले लेगा.
इससे रोज़गार के अवसर कम होंगे. लेकिन क्या ऐसा वाकई में है?
क्या एआई रोज़गार के अवसर पैदा भी करेगा?
आइए जानते हैं शिव नाडर यूनिवर्सिटी में एआई डिपार्टमेंट के हेड डॉ. आकाश सिन्हा से.
प्रोड्यूसर: कीर्ति राजोरा और भरत शर्मा